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वाराणसी की अंजलि ने पूसा कृषि विश्वविद्यालय में रचा इतिहास, MBA एग्री कोर्स पूरा होने से पहले मिला 8 लाख सालाना पैकेज

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समस्तीपुर के RPCAU पूसा में MBA एग्री बिजनेस की छात्रा अंजलि को कोर्स पूरा होने से पहले ही 8 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी मिली है। विश्वविद्यालय के शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड ने बढ़ाया छात्रों का भरोसा।

समस्तीपुर/आलम की खबर:कड़ी मेहनत, सही मार्गदर्शन और बेहतर संस्थान का साथ मिल जाए तो सफलता के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी सामने आई है डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा की छात्रा अंजलि की, जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी होने से पहले ही शानदार करियर की शुरुआत कर दी है।

वाराणसी की रहने वाली अंजलि ने समस्तीपुर स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RPCAU), पूसा में MBA एग्री बिजनेस कोर्स में दाखिला लिया था। उनका उद्देश्य कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रबंधन की पढ़ाई कर बेहतर अवसर हासिल करना था। उन्होंने सोचा था कि कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी के लिए प्रयास करेंगी, लेकिन उनकी मेहनत और विश्वविद्यालय की मजबूत प्लेसमेंट व्यवस्था ने उन्हें समय से पहले ही सफलता दिला दी।

अंजलि का चयन एक प्रतिष्ठित कंपनी में हुआ है, जहां उन्हें सालाना 8 लाख रुपये का पैकेज मिलेगा। इस उपलब्धि के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों ने भी इसे संस्थान की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा है।

पढ़ाई के साथ करियर की तैयारी ने दिलाई सफलता

अंजलि ने वाराणसी से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। कृषि क्षेत्र में बढ़ते अवसरों को देखते हुए उन्होंने MBA एग्री बिजनेस कोर्स को अपने करियर के लिए चुना। इसके लिए उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कई संस्थानों में विकल्प दिया था।

नामांकन के बाद उन्होंने पूसा विश्वविद्यालय में पढ़ाई शुरू की। यहां उन्हें कृषि व्यापार, प्रबंधन, बाजार व्यवस्था और उद्योग से जुड़े विषयों की जानकारी मिली। पढ़ाई के साथ-साथ विश्वविद्यालय की प्लेसमेंट गतिविधियों ने छात्रों को कंपनियों से जुड़ने का अवसर दिया।

अंजलि के लिए यह अवसर तब आया जब उनका कोर्स अभी पूरा भी नहीं हुआ था। कंपनी ने उनके प्रदर्शन, योग्यता और विषय की समझ को देखते हुए उनका चयन कर लिया।

RPCAU का लगातार बेहतर प्लेसमेंट रिकॉर्ड

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा कृषि शिक्षा के क्षेत्र में बिहार का एक प्रमुख संस्थान है। पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय ने पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया है।

MBA एग्री बिजनेस जैसे पाठ्यक्रमों में छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि कृषि उद्योग, मार्केटिंग, सप्लाई चेन और बिजनेस मैनेजमेंट की व्यावहारिक जानकारी भी दी जाती है। यही वजह है कि यहां से पढ़ने वाले छात्रों को कृषि क्षेत्र की कंपनियों में अच्छे अवसर मिल रहे हैं।

विश्वविद्यालय के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में प्लेसमेंट के मामले में लगातार बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है। इसी का परिणाम है कि यहां के छात्र पढ़ाई पूरी होने से पहले ही रोजगार हासिल कर रहे हैं।

अंजलि ने बताया परिवार और विश्वविद्यालय का योगदान

अपनी सफलता को लेकर अंजलि ने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार और शिक्षकों का बड़ा योगदान है। उन्होंने बताया कि परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि जब उन्होंने ICAR प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कॉलेज का चयन किया था, तब उन्हें अंदाजा नहीं था कि यही फैसला उनके करियर को नई दिशा देगा। आज पूसा विश्वविद्यालय में पढ़ाई करना उनके लिए गर्व की बात है।

अंजलि ने बताया कि उनके बैच के करीब आधे छात्रों का प्लेसमेंट हो चुका है। आने वाले समय में अन्य छात्रों के लिए भी कंपनियों के अवसर आने की उम्मीद है। उन्हें विश्वास है कि उनका पूरा बैच बेहतर सफलता हासिल करेगा।

कृषि क्षेत्र में बढ़ रहे रोजगार के अवसर

आज के समय में कृषि केवल खेती तक सीमित नहीं रह गई है। कृषि व्यापार, एग्री टेक्नोलॉजी, खाद्य प्रसंस्करण, मार्केटिंग और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

MBA एग्री बिजनेस जैसे पाठ्यक्रम छात्रों को कृषि और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों की समझ देते हैं। इससे वे कृषि कंपनियों, बैंकिंग सेक्टर, एग्री स्टार्टअप और अन्य संस्थानों में करियर बना सकते हैं।

अंजलि की सफलता भी इसी बदलाव को दर्शाती है कि कृषि शिक्षा अब युवाओं के लिए बेहतर रोजगार का माध्यम बन रही है।

पूसा विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि

अंजलि की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था और प्लेसमेंट सिस्टम की मजबूती को भी दिखाती है। किसी छात्र का कोर्स पूरा होने से पहले चयन होना संस्थान के लिए गर्व की बात मानी जाती है।

शिक्षकों का कहना है कि छात्रों को बेहतर शिक्षा के साथ उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाता है। यही कारण है कि कंपनियां यहां के छात्रों को अवसर दे रही हैं।

मेहनत करने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा

अंजलि की कहानी उन छात्रों के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों और सामान्य परिवारों से आते हैं और बेहतर करियर का सपना देखते हैं। सही दिशा में मेहनत, बेहतर शिक्षा और लगातार प्रयास से सफलता हासिल की जा सकती है।

वाराणसी से समस्तीपुर तक का उनका सफर यह बताता है कि अवसर कहीं से भी मिल सकता है, जरूरत है तो केवल उसे पहचानने और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की।

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कृषि शिक्षा का बदलता स्वरूप आज युवाओं के लिए नए अवसर खोल रहा है। पहले कृषि को केवल खेती तक सीमित समझा जाता था, लेकिन अब एग्री बिजनेस, मैनेजमेंट और तकनीक के जुड़ने से इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं।

RPCAU पूसा की छात्रा अंजलि की सफलता इसी बदलाव का उदाहरण है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में प्रबंधन की पढ़ाई को चुना और मेहनत के दम पर कोर्स पूरा होने से पहले ही रोजगार हासिल कर लिया।

ऐसी सफलताएं छात्रों को यह संदेश देती हैं कि बेहतर संस्थान और सही दिशा के साथ कृषि क्षेत्र में भी शानदार करियर बनाया जा सकता है। जरूरत है कि युवा बदलते अवसरों को समझें और अपनी क्षमता के अनुसार क्षेत्र का चुनाव करें।

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